भक्ति दरबार
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बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं

Buddhir Balam Yasho Dhairyam

मंत्र · संस्कृत · हनुमान

  1. बुद्धिर्बलं यशो धैर्यं निर्भयत्वमरोगता।
    अजाड्यं वाक्पटुत्वं च हनुमत्स्मरणाद्भवेत्॥

    Buddhirbalam yasho dhairyam nirbhayatvamarogata, ajadyam vakpatutvam cha hanumatsmaranadbhavet.

    हनुमान जी के स्मरण से बुद्धि, बल, यश, धैर्य, निर्भयता, आरोग्य, स्फूर्ति और वाणी की कुशलता प्राप्त होती है।